वाणी

वाणी हमारे जिंदगी मे बहुत बड़ी भूमिका निभाती है।वाणी हमे फर्श से अर्ष पर ले जा सकती है और अर्ष से फर्श पर भी ला सकती है। वाणी ऐसी सम्पति है जो कुदरत की देन है। हम वाणी की कीमत कभी नही लगा सकते । कहते है वाणी सरस्वती की देन है। कोई भी इंसान वाणी खरीद नही सकता है। और ना हमे इसे खरीदने की कोशिश करनी चाहिए। वाणी हमे कृपा से प्राप्त होती है।
                               वाणी का बड़ा होना जरूरी नही होता, पर वाणी का मर्यादा मे रहना अधिक जरूरी होता है। अगर वाणी मर्यादित हो और मधुर हो तो वह व्यक्तितव को चार चाँद लगा देती है। वाणी से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। जिसकी वाणी मधुर एव कोमल हो उनसे सभी प्रेम करते है। उनके घर मे कभी कलह नही होता है।और जहा कलह नही वहा लक्ष्मी का निवास होता है। पर वह मधुरता बनावटी नही होनी चाहिए।
                          जब भी हम तंग एव तनाव भरा महसूस करते है, एक मधुर बोल उस तनाव को कम कर देति  है। अत: वाणी हमारे स्वास्थ का भी ख्याल रखती है। वाणी जब भी हम  हरा हुआ महसूस करते है हमे अपने उत्साह भारी वचनो से प्रेरित भी करती है।
                        अत: हमे वाणी का ख्याल रखना चाहिए। वैसे यु ही नही पुराणों मे वाणी को पत्नी का दर्जा दिया गया है।

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